10 facts about Jeddah Tower in Hindi! World’s tallest building! हिन्दी में!




10 facts about Jeddah Tower in Hindi! Worlds tallest building!

बड़ी ही तेज़ी से यह दुनिया तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ती जा रही है, और तरक्की के साथ बढ़ रही है हमारी इमारतो की उँचाई| देखते ही देखते पिछले कुछ दशको मे हम कुछ मीटर उँची इमारतो से बढ़ कर हज़ार मीटर उँची इमारतो पर आ गये है| जी हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना, इस दशक के पूरे होते हुए हम १०००मीटर की उँचाई की इमारत बना लेंगे, जो की इस दशक की अभी तक की सबसे उँची इमारत भूर्ज खलीफा से कुल 170 मीटर उँची होगी| यह इमारत Jeddah Tower के नाम से जानी जाएगी, जो की सऊदी मे जेद्‍दाह नाम की सिटी मे स्थित होगी| यह इमारत जेद्‍दाह मे व्यापार और पर्यटन बढ़ने के उद्देश्य से बनाई जा रही है |

आईए आज हम आपके सामने रखते है 10 facts about Jeddah Tower in Hindi!

  • Jeddah Tower एक एसी गगनचुंभी संरचना, जिसे पहले किंगडम टॉवर के नाम से भी जाना जाता है| यह एक १००० मीटर उँची इमारत होगी, जो की मौजूदा सबसे उँची इमारत भूर्ज-ए-खलीफा से भी कुछ १०० मीटर उँची होगी| यह दुनिया की सबसे उँची बेधशाला का घर होगी| इसमें एक अलग, 98-फुट-व्यास की बाहरी बालकनी होगी, जिसको पहले एक हेलीपेड के उद्देश्य से बनाया जाना था|



  • इसका आकर सिर्फ़ दिखावटी नही है, यह इसके मज़बूत ढाँचे के पीछे एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उँचाई के साथ-साथ जेसे इमारते सकरी होती जाती है, उन्हे हवा के दबाव के साथ साथ गुरुत्वाकर्षण मे परिवर्तन भी झेलना पढ़ता है| इसलिए इसके आकर को वायुगतिकीय तरीके से तीन तरफ़ा बनाया गया है। एसा आकर प्रयोग करने योग्य / किराए पर देने योग्य क्षेत्र को भी अधिकतम रखने में मदद करता है। यहआकर मूल आधार को चौड़ा करके निचली मंजिलों पर ज़्यादा मज़बूत लेकिन साथ ही कम जगह इस्तेमाल मे लेने वाला बनता है|
  • यह इमारत अपनी आधी उँचाई मे ही बादलो को चिर कर उपर निकल जाती है| यह इमारत इतनी बड़ी और उँची है कि इसे एक नज़र मे देख पाना संभव नही, उँचाई पर जा कर या किसी ख़ास तरह के ड्रोन कॅमरा से ही इसकी तस्वीर ली जा सकती है| कल्पना कीजिए इतनी उँचाई की इमारत को ज़मीन पर खड़े हो कर देखने की|

 

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  • इसका आकार इस उँचाई के एक टॉवर के लिए काफ़ी दिलचस्प है। “तीन पंखुड़ी” आकर वाली योजना एक दूसरे के खिलाफ अलग-अलग प्रत्यर्पण की अनुमति देती है, जबकि इसकी दिखावट एक रेगिस्तान पौधे के विकास के मुड़े हुए मोड़ों से प्रेरित है। गिल की दाँटेदार बनावट इसके उपरी हिस्सो को और भी देखने लायक बनाती है|
  • नींव के ढेर इतने मज़बूत और बड़े है की वे लगभग 10 फीट व्यास के एक कमरे की मोटाई जीतने, और लंबाई में 360 फीट तक की गहराई मे जा सकते है|
  • जेद्दा टॉवर में 59 लिफ्ट और 12 एस्केलेटर होंगे और इनमें से पांच लिफ्ट डबल डेकर होंगे। लिफ्ट सामान्य लिफ्ट जितनी गति से नही चलेगी, क्योंकि इतनी ऊंचाई पर हवा के दबाव में बदलाव काफ़ी तकलीफे आ सकती है| तीन आकाश लॉबी किसी भी लिफ्ट को अत्यधिक विशाल केबलों के इस्तेमाल से पूरी उँचाई पर जाने की आवश्यकता को समाप्त करेंगे|
  • देख कर एसा लगता है की यह इमारत एक राजगद्दी पर बैठी है| इमारत और ज़मीन को बहुत ही विचारशील और अच्छे तरीके से जोड़ा गया है| परिवहन मार्ग इसके चारों ओर से जाते है, और इसका निचला आकर इसे अपने शहरी परिवेश और आसपास के महोल मे बड़े अच्छे से  मिलता हैं।
  • यह इमारत हाई-टेक फीचर्स से परिपूर्ण होगी| इसमे कम-चालकता वाले ग्लास सहित एक उच्च-क्षमता वाली बाहरी दीवार प्रणाली होगी, जो थर्मल भार को कम करके ऊर्जा की खपत को कम करेगी।
  • इसके तीनों किनारों पर बहुत ही खूबसूरत आँगन है| प्रत्येक तरफ छायांकित छज्जो की एक श्रृंखला है, इन बाहरी छज्जो से जेद्दा और लाल सागर के चरम दृश्य दिखाई देते हैं।
  • इस विशाल संरचना में 80,000 टन स्टील का इस्तेमाल होगा। निचली सतह के हिस्से कंक्रीट से बने होंगे जो कई मीटर मोटे होंगे|



Categories: Sci / Tech

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