How Spirituality and Mindfulness Relates Each Other (Hindi)




कुछ बातें ऐसी होती है जिसका विज्ञान के पास कोई जवाब नहीं होता और कुछ बाते ऐसी होती है, जिनका विज्ञान से गहरा तालुकात होता है। अध्यात्म शायद काफी लोगो के पर हो, पर इसका विज्ञान से भी तालुक है, और दिमाग से भी। जो मनुष्य अपना जीवन व्यर्थ की बातो से हाथ के एक सही दिशा में एकाग्रित करता है, वो अपने आप ही अघ्यात्म की पहली सीढ़ी चढ़ लेता है। इसके कई मैने है और हम वही आज के इस लेख में देखेंगे।

शक्ति का स्त्रोत

दिमाग शक्ति का वो स्त्रोत है, जिसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। अब आप सोचिये, यदि आप इस पूरी शक्ति को एक सही दिशा की और लेकर जाएंगे, तो आप क्या नहीं कर सकते। अध्यात्म का पहला पहलु ध्यान है, जहा आप सब शोर से पर आपकी भीतरी शान्ति को जीने की कोशिश करते है। जब तक मन स्थिर न होगा, जब तक आप शक्ति को एक और एकाग्रित करने में सक्षम न होंगे। ये सब भीतरी आपसे में जुड़े हुए है। सबसे पहले आपको आपका मन शांत करना होगा और फिर ध्यान की रचना में खुद को उतारना होगा। पहले पहल ये सब सुनने में काफी कठिन लगे, पर यकीन मानिये, ये उतना कठिन नहीं जितना सुनाई पढता है।

Must Read: How to Live a Happy Life in Hindi (जानिए यहाँ)




सोच और समाधी का केंद्र

मन केंद्रित नहीं रह पाता और इसका कारण जीवन की भाग दौड़ और मन का कचरा है, जिसका सामना करने में मनुष्य अपना पूरा जीवन व्यर्थ गँवा देता है। सबसे पहले आपको ये समझना है, की जो भी आप कर रहे है, क्या वो आपको आपके वास्तविक कर्म का फल दे रहा है, जिसके लिए ये जीवन परमात्मा ने दिया है? रस यदि जीवन में न हो, तो जीवन काफी फीका मालुम पढता है और यही कारण है की लोग सुबह उठ कर, काम पर जाकर, वापस आकर सो जाते है और इसे वो जीवन का नाम देते है। जीवन का मतलब बहुत गहरा और बहुत अद्भुत है और यदि आप इसे चखना चाहते है, तो आपको आपका मन और दिमाग केंद्रित करना होगा क्योंकि अध्यात्म और मन एक ही मार्ग पर चलते है।

ध्यान करे, थोड़े से शुरुआत करे, पर करे। अध्यात्म न केवल आपके जीवन को एक सही दिशा देता है बल्कि विज्ञान ने भी इसे बहुत ही शक्तिशाली पहलु बताया है।




Categories: Spiritual

Tags: ,

Leave A Reply

Your email address will not be published.